मशहूर रोमांटिक सिंगर शांतनु मुखर्जी उर्फ़ शान आज 53 साल के हो गए है, उन्हें ‘ गोल्डन वॉइस ऑफ़ इंडिया ‘ के नाम से भी जाना जाता है। उनका नाम संगीत की दुनिया में विशेष लोगो की सूचि में शामिल है, उन्होने अपनी आवाज से भारतीय गायकी को नयी दिशा दी। फिल्मो में गाना गाने से पहले उन्होने विज्ञापनों में जिंगल्स गाये। उनके सफर में कई मुश्किलें आयी मात्र 13 वर्ष की आयु में पिता का देहांत हो गया, उसके बावजूद वो आज बॉलीवुड के सफल गायक में से एक बने।
उनको भारत के सबसे महान प्लेबैक सिंगरों में से एक माना जाता है। उन्होंने प्लेबैक सिंगिंग के अलावा कंपोजर, एक्टर, टेलीविज़न होस्ट और जज के तौर पर भी काम किया है। उनके नाम 2 फिल्मफेयर अवार्ड भी दर्ज है। उन 2000 के दौर में रोमांटिक गाने के लिए याद किया जाता है। विज्ञापन में गाये जिंगल्स ने उनकी आवाज को पहचान दिलाई।
17 साल की उम्र में की शान ने फ़िल्मी करियर की शुरआत
महज 13 साल की उम्र में उनके सर से पिता का साया उठ गया, उसके बाद उन्होने आर्थिक मदद के लिए छोटी उम्र से ही, काम करना शुरू कर दिया था, शान ने सिंगिंग करियर की शुरुआत विज्ञापनों के लिए जिंगल्स बनाने से की थी, उसके साथ ही उन्होने प्रसिद्ध गाने के रीमिक्स और कवर्स भी गाने शुरू किये।
उन्होने बॉलीवुड करियर की शुरुआत फिल्म ‘ परिंदा ( 1989 ) ‘ से की थी, उसमे उन्होने महज 17 साल की उम्र में प्लेबैक सिंगर के तौर पर आवाज दी। उसके बाद उन्होने राहुल देव बर्मन का प्रसिद्ध गाना ‘ रूप तेरा मस्ताना ‘ का रीमिक्स वर्जन गया जो काफी पसंद किया गया। उन्हें सफलता साल 1999 में मिली जब उन्होने ‘ प्यार में कभी कभी ‘ के दो गाने ( मुसु मुसु हसी और वो पहली बार ) और फिल्म ‘ दिल्लगी ‘ के गाने ‘ दिल्लगी दिल्लगी ‘ को गाया। उन्होने कई ब्लॉक बस्टर फिल्म जैसे ‘लगान’, ‘साथिया’, ‘ॐ शांति ॐ’, ‘फ़ना’, ‘दिल चाहता है’ और ‘भूल भुलैया’ में अपनी आवाज दी है।
शान ने कई भाषाओ में गाया है गाना
उन्होने हिंदी के अतिरिक्त उर्दू, बंगाली, मराठी, उर्दू, तेलगु, कन्नड़ और कई अन्य भाषाओ में गाने गाये है। गाने के अलावा ने उन्होने कई शो जैसे ‘ सारेगामापा ‘ सारेगामापा लिटिल चैंप्स ‘ और ‘ स्टार वौइस् ऑफ़ इंडिया ‘ के होस्ट और जज भी बने। उनके शानदार सिंगिंग करियर के लिए कई पुरष्कार जैसे 3 ज़ी सीने अवार्ड ( बेस्ट प्लेबैक सिंगर-मेल 2004, 2007, 2008 ) भी मिले है। इसे अतिरिक्त उन्हें 2 फ़िल्म्फरे पुरस्कार ( बेस्ट प्लेबैक सिंगर-मेल 2007, 2008 ) और तीन अनतर्राष्ट्रीय फिल्म अकादमी पुरस्कार ( IIFA , बेस्ट प्लेबैक मेल सिंगर अवार्ड 2007, 2008, 2010 ) भी मिल चुके है।
शान बॉलीवुड के सबसे हाइएस्ट पेड सिंगर में से एक माने जाते है, इंडिया टीवी ने उन्हें बॉलीवुड के टॉप 10 एवरग्रीन सिंगर्स की सूचि में रखा है। उनके 6 गाने BBC’ के बॉलीवुड टॉप 40 सदाबहार गाने की सूचि में शामिल है। फिल्म में गाने अतरिक्त कई फिल्मो जैसे ‘ दमन : अ विक्टिम ऑफ़ मार्शल वायलेंस’, ‘ बलविंदर सिंह फेमस हो गया ‘ और ‘ सीक्रेट सुपरस्टार ‘ फिल्म में उन्होने एक्टिंग भी की है।
शान का प्रारंभिक जीवन और परिवार
शान का जन्म 30 सितम्बर 1972 को मध्यप्रदेश के खांडवा शहर में बंगले परिवार में हुआ था, उनका पूरा नाम शांतनु मुखर्जी है। उनके दादाजी जहर मुखर्जी जाने माने गीतकार थे। उनके पिताजी मानस मुखर्जी म्यूजिक डायरेक्टर थे, और उनकी बहन सागरिका भी गायिका है। गीत संगीत परिवार से सम्बन्ध होने से बचपन से ही उन्हें संगीत में रूचि थी। जब वो केवल चार वर्ष की उम्र में थे, तब से उन्होने गाना शुरू कर दिया था। उन्होने राधिका मुखर्जी से विवाह किया है, और उनके दो बेटे भी है।
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